द फॉलोअप डेस्क
तमिलनाडु ने भारी बारिश ने तबाही मचा दी है। पिछले दो दिनों की बारिश में कम से कम 10 लोगों की जान चली गयी है। राज्य के कई जिले बाढ़ की चपेट में आ गये हैं। इसकी पुष्टि सरकार की ओर से की गयी है। भारी बारिश के कारण कई नदियों का जल स्तर अचानक से बढ़ गया है। सरकारी सूत्रों ने बताया है कि मौसम विभाग ने भारी बारिश होने की सूचना पहले नहीं दी। इस कारण भी तबाही में इजाफा हुआ है। कुछ जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिये गये हैं। कहा जा रहा है कि तमिनाडु में पिछले 10 सालों में हुई ये रिकार्ड बारिश है।

ये जिले सर्वाधिक प्रभावित
तमिलनाडु के मुख्य सचिव शिवदास मीना ने प्रेस को बताया कि दो दिनों की बारिश में कुल 10 मौतें हुई हैं। कहा कि भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बारिश का जो आकलन किया था, वो गलत साबित हुआ। भारी बारिश का अनुमान किसी को नहीं था। मीना ने बताया कि कुछ जिले बाढ़ की चपेट में आ गये हैं। इसमें सर्वाधिक प्रभावित जिले तिरुनेलवेली, तूतिकोरिन और थुथुकुडी जिले हैं। मरने वाले लोग इन्हीं तीन जिलों के हैं। कहा कि तिरुलवेली और तेनकासी जिलों में स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी दे दी गयी है।

पीएम से मिले राज्य के सीएम
बारिश और बाढ़ से मची तबाही के बीच राज्य के सीएम एमके स्टालिन ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है। उन्होंने केंद्र सरकार से मदद की गुहार लगायी है। सीएम स्टालिन ने कहा कि कुछ दिनों पहले मिचौंग चक्रवात के तूफान से भी राज्य गुजर चुका है। बताया कि मिचौंग से सबसे अधिक नुकसान उन्हीं के राज्य को हुआ है। बता दें कि तमिलनाडु के दक्षिण भाग में ये पिछले 10 साल में हुई सर्वाधिक बारिश है।
